रुचि री पहचान, नमकीन रो नाम — प्रदीप री दुकान।

प्रदीप री नमकीन' भी कोई कम कोनी सा!

अ म्हारी नमकीनियाँ शुद्ध तेल अर देसी मसाल्यां सूं बनावणी जावे है — भुजिया, मठरी, दालमोठ, सब थारी यादां ताजा कर देवै। 'प्रदीप री नमकीन' भी कोई कम कोनी सा — खाओ अर खवाओ, स्वाद में अपनापन पावो।