हमारो जूनून, थारे स्वाद में बस्यो।
मीठा प्यार सूं बनी, म्हारी मिठाई प्यारी।
अ म्हारी मिठाईया घी अर दूध सूं बनावणी जावे है। थारी थाली में जद मिठाई आवै, तो त्योहारों री रौनक बढ़ जावै। हर मिठाई में म्हारा प्यार अर मेहनत छुप्यो है। कलाकंद, घेवर, काजू कतली अर केसरी पेड़ा — सब ताजा अर घर री रसोई री खुशबू सूं भरपूर। मिठाई खावै तो मन खुश हो जावै, अर घर री याद भी ताजा हो जावै। म्हारी दुकान में मिठास अर अपनत्व साथ मिलसी।